घर-घर गूंजेगी हनुमान चालीसा: बांकी मोंगरा में धर्मसेना का धार्मिक जनजागरण अभियान तेज, मातृ शक्ति का हुआ गठन
सामूहिक हनुमान चालीसा एवं आरती के माध्यम से सनातन संस्कृति के संरक्षण का संकल्प, गायत्री साहू बनीं मातृ शक्ति अध्यक्ष
कोरबा/बांकी मोंगरा। सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं धार्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से धर्मसेना द्वारा “घर-घर हनुमान चालीसा, हर घर हनुमान चालीसा” अभियान को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में बांकी मोंगरा के जंगल साइड क्षेत्र में धर्मसेना के हिन्दू वीरों द्वारा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं महाआरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान हनुमान की आराधना की तथा धर्म एवं संस्कृति के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
धर्मसेना के पदाधिकारियों ने बताया कि सामूहिक हनुमान चालीसा एवं आरती का आयोजन पूरी तरह निःशुल्क किया जाता है। इसका उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना, आपसी भाईचारा, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना है। अभियान के माध्यम से युवाओं और बच्चों को भी भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
इस दौरान बांकी मोंगरा के कूदरी पारा में धर्मसेना मातृ शक्ति का गठन भी संपन्न हुआ। संगठन की बैठक में सर्वसम्मति से गायत्री साहू को मातृ शक्ति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। नवगठित टीम ने महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के साथ धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
धर्मसेना की टीम ने चैतमा मंडल क्षेत्र में भी संगठन विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। धर्मसेना के हिन्दू योद्धाओं ने चैतमा एवं आसपास के गांवों का दौरा कर स्थानीय स्तर पर धर्मसेना की टोली गठित करने तथा सामूहिक हनुमान चालीसा आयोजन की रूपरेखा तैयार की। संगठन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाना है।
धर्मसेना के पदाधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में क्षेत्र के विभिन्न गांवों और मोहल्लों में नियमित रूप से सामूहिक हनुमान चालीसा, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक जागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके माध्यम से समाज में एकता, सद्भाव और धार्मिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया तथा “जय श्रीराम” और “जय बजरंगबली” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।