नशा मुक्ति की अलख: ब्रह्माकुमारीज का जन-जागरण अभियान गांव-गांव पहुंचा, चौपालों में दिखाई जा रही प्रेरणादायक झांकी और वीडियो,,
कटघोरा क्षेत्र के दर्जनों गांवों में चल रहा विशेष अभियान, ग्रामीणों को नशे से दूर रहने का दिया जा रहा संदेश,
कोरबा/कटघोरा। समाज को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने के उद्देश्य से ब्रह्माकुमारीज प्रजापिता नशा मुक्ति अभियान के तहत कोरबा जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति रथ, प्रेरणादायक झांकियों तथा वीडियो प्रदर्शन के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
कटघोरा क्षेत्र के छुरी, जेजरा, हुकरा, धवईपुर, कसनिया, सिंघिया, बिझरा, तुमान, पचधार, कर्रा सहित दर्जनों गांवों में संस्था के कार्यकर्ता पहुंचकर चौपालों का आयोजन कर रहे हैं। इन चौपालों में ग्रामीणों को प्रेरणादायक वीडियो दिखाए जा रहे हैं तथा नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि “नशा, नाश की जड़ है”। नशे की लत व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक साबित होती है। इसके कारण पारिवारिक कलह, आर्थिक संकट, स्वास्थ्य समस्याएं और सामाजिक विघटन जैसी गंभीर परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को नशे से दूर रहकर सकारात्मक जीवनशैली अपनानी चाहिए।
संस्था की सदस्य बी.के. कुसुम बहन ने बताया कि ब्रह्माकुमारीज द्वारा यह नशा मुक्ति अभियान पूरे देश में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति समाज के लिए गंभीर चुनौती बन गई है। अनेक लोग नशे की दलदल में फंसकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे में समाज को जागरूक कर नशामुक्त भारत के निर्माण की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था का उद्देश्य केवल नशामुक्ति ही नहीं, बल्कि समाज में सुख, शांति, भाईचारा, स्वास्थ्य, समृद्धि और आध्यात्मिक जागरूकता का वातावरण निर्मित करना भी है। अभियान को ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक समर्थन मिल रहा है तथा लोगों में इसे लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
नशा मुक्ति रथ और जनजागरण अभियान के सफल संचालन में बी.के. मधु, बी.के. कुसुम, बी.के. वेदांती, बी.के. गणेशी, बी.के. परमेश्वरी, बी.के. मनहरण, बी.के. साहस, बी.के. नरेश, बी.के. रामकुमार, बी.के. मोहर, बी.के. लक्ष्मी नारायण, बी.के. रामेश्वरी, बी.के. मीना तथा बी.के. कंचन का विशेष योगदान रहा।
ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए इस प्रकार के जन-जागरण कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं और इससे युवाओं को सही दिशा मिलेगी।
