
नीलम सोनी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत मिले सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर ‘गढ़ कलेवा’ नामक परंपरागत छत्तीसगढ़ी भोजनालय की स्थापना की, जो आज न केवल स्थानीय लोगों के बीच लोकप्रिय है, बल्कि छत्तीसगढ़ी व्यंजनों और संस्कृति को देशभर में पहचान दिलाने का माध्यम बन चुका है। उनकी यह यात्रा इस बात का जीवंत उदाहरण है कि अगर इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मुश्किल राह आसान हो सकती है।