कोरबा में जल्द शुरू होगी 24×7 ‘सीएम हेल्पलाइन’, लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही: कलेक्टर,
कोरबा, 26 मई 2026 / छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली’ के जिले में प्रभावी संचालन के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को कड़े निर्देश दिए हैं कि पोर्टल के माध्यम से मिलने वाले आवेदनों को अत्यंत गंभीरता से लिया जाए और उनका समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
1. 24 घंटे सातों दिन सक्रिय रहेगी हेल्पलाइन, 1076 पर दर्ज होगी शिकायत एकीकृत और सुलभ माध्यम: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत यह प्रणाली शुरू की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को शासकीय सेवाओं की जानकारी देना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान करना है। मल्टी चैनल सपोर्ट: यह हेल्पलाइन साल के 365 दिन और 24 घंटे काम करेगी। प्रदेश का कोई भी नागरिक टोल फ्री नंबर 1076, वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप या व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेगा। 2. शिकायत दर्ज होते ही मिलेगा यूनिक आईडी, घर बैठे ट्रैक होगी प्रगति ट्रैकिंग सिस्टम: शिकायत दर्ज होते ही नागरिक को एक विशिष्ट पहचान संख्या (यूनिक आईडी) मिलेगी। इसके जरिए वे जान सकेंगे कि उनकी शिकायत किस विभाग के, किस अधिकारी के पास लंबित है और उस पर क्या कार्रवाई हुई है।
अनावश्यक देरी पर रोक: पूरी प्रणाली अत्याधुनिक तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से जुड़ी है। शिकायत दर्ज होते ही सीधे संबंधित अधिकारी के पास पहुंचेगी, जिससे फाइलों के अटकने या अनावश्यक देरी होने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। 3. आवेदक की संतुष्टि पर ही बंद होगा केस, सीधे सीएमओ रखेगा नजर फीडबैक मैकेनिज्म: इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि शिकायत के समाधान के बाद सीधे नागरिक से संपर्क कर उसका फीडबैक लिया जाएगा। ऑटो-रीओपन की सुविधा: यदि नागरिक समाधान से संतुष्ट होगा, तभी शिकायत को बंद (क्लोज) माना जाएगा। असंतुष्ट होने की स्थिति में शिकायत स्वतः ही अगले उच्च स्तर पर सक्रिय हो जाएगी। रियल टाइम मॉनिटरिंग: इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ‘रियल टाइम’ की जाएगी, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। 4. कलेक्टर ने दिए हर दफ्तर में जिम्मेदारी तय करने के निर्देश हेल्पलाइन प्रकोष्ठ का गठन: कलेक्टर ने जिला कार्यालय की शिकायत शाखा में एक विशेष ‘सीएम हेल्पलाइन प्रकोष्ठ’ तैयार करने के निर्देश दिए हैं। नोडल कर्मचारी की नियुक्ति: सभी विभाग प्रमुखों (HODs) को हिदायत दी गई है कि वे अपने-अपने कार्यालयों में पोर्टल के सुचारू संचालन के लिए एक समर्पित कर्मचारी की जिम्मेदारी तुरंत तय करें। नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान हर अधिकारी की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति: बैठक में शासन और प्रशासन के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से पुलिस अधीक्षक (SP) श्री सिद्धार्थ तिवारी, वनमण्डलाधिकारी कटघोरा श्री कुमार निशांत, नगर निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, डीएफओ कोरबा श्रीमती प्रेमलता यादव, सीईओ जिला पंचायत श्री दिनेश नाग, अपर कलेक्टर श्री देवेंद्र पटेल, एसडीएम कटघोरा श्री तन्मय खन्ना और ओएसडी श्री तरुण किरण सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी शामिल थे।