भाजपा नेता अकबर तिगाला पर गंभीर आरोप: चिटफंड फर्जीवाड़े, फर्जी लेटरपैड और आय से अधिक संपत्ति की ACB से शिकायत
बालोद । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री अकबर तिगाला की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंत्रियों, अफसरों और दिग्गज राजनेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर और उनके अधिकारों का गलत इस्तेमाल करने के गंभीर आरोपों के तहत तिगाला के खिलाफ मुख्यमंत्री, बालोद कलेक्टर, एसपी और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB)/ईओडब्ल्यू (EOW) में शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायतकर्ताओं ने नेता पर करोड़ों रुपये के चिटफंड घोटाले, फर्जीवाड़े और शासकीय राशि के निजी फर्मों में दुरुपयोग के संगीन आरोप लगाए हैं।
दिग्गजों के साथ तस्वीरों को बनाया हथियार, चिटफंड में करोड़ों डकारने का आरोप
ईओडब्ल्यू में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता असरार अहमद का दावा है कि अकबर तिगाला एक बदनाम चिटफंड कंपनी में पार्टनर रह चुका है। उसने अपनी ऊंची पहुंच और रसूख का इस्तेमाल कर हजारों लोगों से लाखों-करोड़ों की रकम डकारी, लेकिन अपनी राजनीतिक रसूख के कारण अब तक पुलिस रिकॉर्ड से बचता रहा।
शिकायत में बताया गया कि नेता ने प्रदेश के कद्दावर मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के साथ खिंचवाई तस्वीरों को अपना मुख्य हथियार बनाया। इन फोटो के जरिए उसने:
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ग्रामीण क्षेत्रों के भोले-भाले लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों को झांसे में लिया।
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अपनी राजनीतिक धौंस दिखाकर अपनी निजी फर्म के नाम पर करोड़ों रुपये की सरकारी सप्लाई के ठेके हथिया लिए।
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बिना काम पूरा किए ही अपनी निजी फर्म के नाम पर अग्रिम भुगतान (एडवांस चेक) भी जारी करवा लिए।
कई जिलों में फैला नेटवर्क: DMF मद में एडवांस कमीशन और बाउंस चेक का खेल
अकबर तिगाला पर आरोप है कि उसका यह मायाजाल सिर्फ बालोद तक ही सीमित नहीं है। उसने अन्य जिलों में भी जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से करोड़ों के विकास कार्य दिलाने का झांसा दिया और ठेकेदारों से मोटा एडवांस कमीशन वसूला।
जब ठेकेदारों को काम नहीं मिला और उन्होंने दबाव बनाया, तो रकम वापसी के लिए चेक जारी किए गए। हालांकि, ठेकेदारों का आरोप है कि ये सभी चेक बैंक में बाउंस हो गए। जालसाजी का स्तर यह है कि आरोपी नेता ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं के आधिकारिक लेटरहेड का अनाधिकृत रूप से उपयोग किया।
प्रशासनिक जांच शुरू, निष्कासन और एफआईआर की मांग
मामले को लेकर बालोद के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उधर, स्थानीय निवासियों और शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि:
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आरोपी नेता पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए।
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पार्टी के आधिकारिक लेटरहेड और नेताओं के नाम का दुरुपयोग करने के कारण उसे भाजपा से तत्काल निष्कासित किया जाए।
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धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के मामले में उस पर त्वरित एफआईआर दर्ज की जाए।













