कटघोरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक सप्ताह से एक्स-रे मशीन ठप: दर-दर भटकने को मजबूर ग्रामीण मरीज, प्राइवेट सेंटरों की मनमानी से बढ़ा आर्थिक बोझ,,
कटघोरा/कोरबा (छत्तीसगढ़): नगर पालिका परिषद कटघोरा स्थित 50 बिस्तरीय शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कटघोरा और आसपास के लगभग 50 से 60 गांवों के ग्रामीण बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर रोजाना इस अस्पताल में पहुंचते हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में उन्हें निराशा और आर्थिक चपत ही हाथ लग रही है।
स्वास्थ्य केंद्र में व्यवस्थाएं ध्वस्त, मरीज परेशान
कटघोरा का यह अस्पताल क्षेत्र की एक बड़ी आबादी के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य केंद्र है। दुर्भाग्यवश, आए दिन यहां सुविधाओं के नाम पर अव्यवस्था का आलम बना रहता है। ताजा मामला एक्स-रे सेवा से जुड़ा है। विगत एक सप्ताह से अस्पताल की एक्स-रे मशीन तकनीकी खराबी के कारण बंद पड़ी है। मशीन खराब होने की वजह से हादसों में घायल मरीजों, हड्डी संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
निजी सेंटरों की चांदी, गरीब मरीजों की जेब पर डाका
शासकीय अस्पताल में सुविधा ठप होने का सीधा फायदा कटघोरा नगर में संचालित निजी एक्स-रे सेंटरों को मिल रहा है। दूर-दराज से आने वाले निर्धन और असहाय मरीज मजबूरी में निजी सेंटरों का रुख कर रहे हैं, जहां उनसे एक्स-रे के नाम पर शासकीय दरों की तुलना में कई गुना अधिक मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। जिन गरीब ग्रामीणों के पास सीमित साधन हैं, वे इतने महंगे दामों पर जांच कराने में असमर्थ हैं और दर-दर भटकने को विवश हैं।
अस्पताल प्रबंधन की उपेक्षा से आक्रोश
क्षेत्रवासियों का कहना है कि एक्स-रे मशीन के खराब होने की सूचना तत्काल अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों को दे दी गई थी। इसके बावजूद एक सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी मशीन को दुरुस्त कराने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रबंधन की इस उदासीनता से स्थानीय नागरिकों और मरीजों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
शीघ्र व्यवस्था बहाल करने की मांग
नगर वासियों और कटघोरा क्षेत्र के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि समस्या की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक्स-रे मशीन की मरम्मत कराई जाए अथवा नई मशीन की व्यवस्था की जाए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके और उन्हें निजी सेंटरों की लूट-खसोट से बचाया जा सके।













