Close Menu
Jan Jan Ki AwaazJan Jan Ki Awaaz
    What's Hot

    कोरबा कटघोरा की पावन धरा पर ‘सोमनाथ ज्योतिर्लिंग’ का दिव्य दर्शन और महासत्संग 🕉️

    12/04/2026

    कोरबा की उपलब्धि: लगातार 15वें साल ‘जीरो शार्टेज’ का कीर्तिमान, लचर परिवहन और हाथी के खतरे के बीच 650 करोड़ का धान परिदान

    12/04/2026

    बलरामपुर अफीम खेती कांड: झारखंड का मुख्य सप्लायर गिरफ्तार, 2 करोड़ के नेटवर्क का भंडाफोड़

    12/04/2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Jan Jan Ki AwaazJan Jan Ki Awaaz
    • खास ख़बर
    • कोरबा
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    • मनोरंजन
    • खेलकूद
    • बिहार
    • व्यापार
    • ज्ञान विज्ञान
    Jan Jan Ki AwaazJan Jan Ki Awaaz
    Home»Uncategorized»छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा अनुराग राइस मिल पर कठोर कार्रवाई: विद्युत आपूर्ति विच्छेद, संयंत्र बंद,,
    Uncategorized

    छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा अनुराग राइस मिल पर कठोर कार्रवाई: विद्युत आपूर्ति विच्छेद, संयंत्र बंद,,

    विनोद जायसवालBy विनोद जायसवाल19/07/2025
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा अनुराग राइस मिल पर कठोर कार्रवाई: विद्युत आपूर्ति विच्छेद, संयंत्र बंद,,

    लखनपुर, कोरबा, 19 जुलाई 2025: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के लखनपुर ग्राम में चावल मिलों द्वारा पर्यावरण प्रदूषण की शिकायतों के बाद छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल (सीईसीबी) ने कठोर कार्रवाई करते हुए मेसर्स अनुराग राइस मिल यूनिट-2 के खिलाफ क्लोजर डायरेक्शन (बंद करने का निर्देश) जारी किया है। इस कार्रवाई के तहत 19 जुलाई 2025 को संयंत्र की विद्युत आपूर्ति भी विच्छेदित कर दी गई है। यह कार्रवाई पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन और बिना वैध अनुमति के संचालन के कारण की गई है।
    निरीक्षण और उल्लंघन का खुलासा
    छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने लखनपुर ग्राम में चावल मिलों द्वारा प्रदूषण की शिकायतों के आधार पर 16 जुलाई 2025 को मेसर्स अनुराग राइस मिल यूनिट-2, तहसील कटघोरा, जिला कोरबा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यह इकाई बिना वैध संचालन सम्मति (Consent to Operate) के औद्योगिक गतिविधियाँ संचालित कर रही थी। यह गतिविधियाँ निम्नलिखित पर्यावरणीय कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन हैं:
    जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 25/26: यह धारा औद्योगिक इकाइयों को जल प्रदूषण रोकने के लिए अनिवार्य अनुमति प्राप्त करने का निर्देश देती है।
    वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 21: यह धारा वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए वैध अनुमति को अनिवार्य बनाती है।
    निरीक्षण में यह भी सामने आया कि अनुराग राइस मिल द्वारा पर्यावरण संरक्षण के लिए निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिससे स्थानीय पर्यावरण और आसपास के निवासियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
    क्लोजर डायरेक्शन और विद्युत विच्छेदन
    पर्यावरणीय कानूनों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अनुराग राइस मिल यूनिट-2 के खिलाफ क्लोजर डायरेक्शन जारी किया। इस निर्देश के तहत संयंत्र को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया। साथ ही, मंडल ने विद्युत विभाग को पत्र भेजकर संयंत्र की विद्युत आपूर्ति विच्छेदित करने की अनुशंसा की।
    विद्युत विभाग ने इस अनुशंसा का पालन करते हुए 19 जुलाई 2025 को अनुराग राइस मिल की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से बंद कर दी। इस कार्रवाई से संयंत्र का संचालन पूर्ण रूप से ठप हो गया है।
    पर्यावरण संरक्षण मंडल का बयान
    छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया कि किसी भी औद्योगिक इकाई द्वारा बिना वैध अनुमति के संचालन करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह पर्यावरण और स्थानीय समुदाय के लिए भी हानिकारक है। मंडल ने कहा, “ऐसी गतिविधियाँ जल और वायु प्रदूषण को बढ़ावा देती हैं, जिसका सीधा असर स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की गुणवत्ता पर पड़ता है। हम ऐसी इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
    प्रदूषण की शिकायतों का संदर्भ
    लखनपुर ग्राम में चावल मिलों द्वारा प्रदूषण की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं। स्थानीय निवासियों ने वायु और जल प्रदूषण के कारण स्वास्थ्य समस्याओं और पर्यावरणीय क्षति की शिकायतें दर्ज की थीं। इन शिकायतों के आधार पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने निरीक्षण किया और अनुराग राइस मिल के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की। यह कार्रवाई अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए भी एक चेतावनी है कि पर्यावरणीय नियमों का पालन अनिवार्य है।
    कानूनी प्रावधान और इसका महत्व
    जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974: यह अधिनियम जल संसाधनों के प्रदूषण को रोकने और नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। इसके तहत औद्योगिक इकाइयों को जल प्रदूषण नियंत्रण उपायों के साथ वैध अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य है।
    वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981: यह अधिनियम वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किया गया है। इसके तहत वायु प्रदूषण उत्पन्न करने वाली इकाइयों को पर्यावरण मंडल से अनुमति लेना आवश्यक है।
    पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986: यह व्यापक कानून पर्यावरण संरक्षण और सुधार के लिए बनाया गया है, जो केंद्र और राज्य सरकारों को प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार देता है।
    अनुराग राइस मिल का बिना अनुमति संचालन इन कानूनों का उल्लंघन करता है, जिसके चलते मंडल ने कठोर कदम उठाए।
    संभावित प्रभाव
    इस कार्रवाई से अनुराग राइस मिल का संचालन पूरी तरह बंद हो गया है, जिसका असर संयंत्र से जुड़े कर्मचारियों और स्थानीय व्यापार पर पड़ सकता है। हालांकि, पर्यावरण संरक्षण मंडल का यह कदम स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह कार्रवाई अन्य औद्योगिक इकाइयों को भी पर्यावरणीय नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित कर सकती है।
    आगे की राह
    छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने अन्य औद्योगिक इकाइयों को चेतावनी दी है कि वे वैध अनुमति और पर्यावरण मानकों का पालन सुनिश्चित करें। मंडल ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में भी प्रदूषण की शिकायतों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी। अनुराग राइस मिल को अब संचालन दोबारा शुरू करने के लिए पर्यावरण मंडल से वैध अनुमति प्राप्त करनी होगी और निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।
    निष्कर्ष
    छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की इस कार्रवाई ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। अनुराग राइस मिल के खिलाफ की गई कार्रवाई न केवल पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन को रोकने का एक कदम है, बल्कि यह स्थानीय समुदाय के स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा के लिए भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह घटना औद्योगिक इकाइयों के लिए एक सबक है कि पर्यावरणीय नियमों का पालन न करना गंभीर परिणाम भुगतने का कारण बन सकता है।
    स्रोत: छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल की आधिकारिक जानकारी और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 से संबंधित सामान्य जानकारी।

    Share. Facebook Twitter
    विनोद जायसवाल

    Related Posts

    जनपद सदस्य अक्षय गर्ग पंचतत्व में विलीन, भारी सुरक्षा के बीच दी गई अंतिम विदाई ,,

    24/12/2025

    कटघोरा अक्षय हत्याकांड: राजनीतिक रंजिश की तरफ जा रहा मामला, साजिशकर्ता और मुख्य हमलावर गिरफ्त में,गाड़ी बरामद सहयोगी हमलावरों की तलाश जारी,,

    24/12/2025

    कोरबा: पोड़ी उपरोरा के पूर्व उपाध्यक्ष जनपद सदस्य बीजेपी नेता अक्षय गर्ग की निर्मम हत्या से दहल उठा पूरा जिला..! : हत्यारो की तलाश में पुलिस ने झोंकी पूरी ताकत..

    23/12/2025

    अवैध धान खपाने के मंसूबे प्रशासन ने किया नाकाम,सँयुक्त टीम की छापेमारी में 600 क्विंटल धान जब्त,बिचौलियों में मचा हड़कम्प

    03/12/2025

    पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर-कलेक्टर अजीत वसंत विवाद में बड़ा मोड़! ​ कमिश्नर की ‘सीक्रेट’ जांच रिपोर्ट शासन के पास; अब RTI के हथियार से ‘हाईकोर्ट’ का रास्ता!

    01/12/2025

    कोरबा: 22 साल के संघर्ष के बाद भूविस्थापित महिलाओं ने कुसमुंडा SECL दफ्तर में जड़ा ताला! अनिश्चितकालीन धरना शुरू,,

    01/12/2025
    Editors Picks

    कोरबा कटघोरा की पावन धरा पर ‘सोमनाथ ज्योतिर्लिंग’ का दिव्य दर्शन और महासत्संग 🕉️

    12/04/2026

    कोरबा की उपलब्धि: लगातार 15वें साल ‘जीरो शार्टेज’ का कीर्तिमान, लचर परिवहन और हाथी के खतरे के बीच 650 करोड़ का धान परिदान

    12/04/2026

    बलरामपुर अफीम खेती कांड: झारखंड का मुख्य सप्लायर गिरफ्तार, 2 करोड़ के नेटवर्क का भंडाफोड़

    12/04/2026

    कटघोरा के ढपढप में हनुमंत कथा का शंखनाद: 21,000 कलशों की ऐतिहासिक यात्रा से होगा भव्य आगाज़, दानदाताओं ने खोला

    26/03/2026
    About Us
    About Us

    Founder: Vinod Jaiswal
    Mobile : 8770560852 Email : janjankiawaaznews@gmail.com

    Follow for More
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    Category
    • Uncategorized
    • कोरबा
    • खास ख़बर
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    © 2026 Jan Jan ki Awaaz. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • Contact Us
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.