बस्तर में जवानों के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने मनाई दीपावली, बोले– क्सलवाद के खात्मे के साथ शुरू हुआ शांति और विकास का नया दौर,,
बस्तर, 08 नवंबर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दीपावली का पर्व मनाया। इस दौरान उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लंबे समय तक चले संघर्ष में जवानों के अदम्य साहस, समर्पणप्रधानमंत्री ने कहा कि करोड़ों देशवासी सुरक्षाबलों पर गर्व करते हैं। प्रभावित रहे बस्तर में आज विकास की नई शुरुआत हुई है। जवानों के त्याग और तपस्या के कारण कभी भय के लिए पहचानी जाने वाली इस धरती पर अब शांति और विकास की बहार है।
उन्होंने जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे सीमाओं और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करने वाले सभी जवानों को अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों की ओर से सुरक्षाबलों के प्रति आभार व्यक्त किया। और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 की दीपावली देश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि नक्सलवाद और माओवादी उग्रवाद के खिलाफ दशकों से जारी लड़ाई में देश ने निर्णायक सफलता हासिल की है।
20 राज्यों के 230 से अधिक जिले थे नक्सलवाद से प्रभावित
जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पुराने दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि एक समय देश के करीब 20 राज्यों के 230 से अधिक जिले नक्सलवाद की चपेट में थे। कई क्षेत्रों में शाम होते ही जनजीवन ठहर जाता था। लोग भय के कारण घरों से बाहर निकलने से कतराते थे। नक्सली आम नागरिकों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों, यहां तक कि मतदान से भी वंचित कर देते थे। छत्तीसगढ़ सहित बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई इलाके इस समस्या से प्रभावित रहे।
दंतेवाड़ा के शहीदों को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने दंतेवाड़ा में वर्ष 2010 में हुए नक्सली हमलों का जिक्र करते हुए शहीद जवानों और निर्दोष नागरिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष में देश ने भारी कीमत चुकाई है। नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में लाखों सुरक्षाकर्मियों ने अदम्य साहस दिखाया और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
सीआरपीएफ से लेकर बस्तर फाइटर्स तक के योगदान की सराहना
मोदी ने कहा कि जिस तरह भारतीय सेना देश की सीमाओं की सुरक्षा करती है, उसी तरह आंतरिक सुरक्षा में तैनात सीआरपीएफ, कोबरा, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, आईआरबी, राज्य पुलिस और बस्तर फाइटर्स के जवान भी राष्ट्र की रक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने महिला सुरक्षाकर्मियों के साहस और योगदान की भी विशेष रूप से प्रशंसा की।
भय की पहचान से विकास की नई पहचान बना बस्तर
प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर में अब शांति और विकास का नया वातावरण तैयार हो रहा है। सुरक्षाबलों के कठिन परिश्रम, त्याग और समर्पण ने इस क्षेत्र में बदलाव की राह प्रशस्त की है। कभी भय और हिंसा के लिए पहचाने जाने वाले इलाकों में अब विकास की नई उम्मीदें दिखाई दे रही हैं।
140 करोड़ देशवासियों की ओर से जवानों को दी शुभकामनाएं
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने सभी सुरक्षाकर्मियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं से लेकर आंतरिक सुरक्षा तक तैनात प्रत्येक जवान उनके परिवार का हिस्सा है। प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों की ओर से सुरक्षाबलों के प्रति आभार जताते हुए उनके साहस, सेवा और बलिदान को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताया।













