एग्री स्टेक किसान पंजीयन की अवधि 10 नवंबर तक बढ़ाने की मांग,,
कोरबा/कटघोरा। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारियों के बीच एग्री स्टेक एवं फार्मर आईडी किसान पंजीयन को लेकर किसानों की परेशानियां सामने आ रही हैं। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा सहित दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में किसान पंजीयन संबंधी कार्य पूरा नहीं हो पाने से चिंतित हैं। इस समस्या को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य विद्वान सिंह मरकाम एवं विधायक प्रतिनिधि मनोहर सिंह ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), पोड़ी उपरोड़ा को लिखित पत्र सौंपकर किसान पंजीयन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है।
,,पंजीयन नहीं होने से परेशान किसान,,
जनप्रतिनिधियों ने पत्र के माध्यम से प्रशासन को अवगत कराया है कि पोड़ी उपरोड़ा क्षेत्र के अलावा जिले के कई दूरस्थ गांवों में एग्री स्टेक एवं पीएम किसान पंजीयन से संबंधित कार्यों में कठिनाइयां आ रही हैं। किसान अपनी फार्मर आईडी और भूमि संबंधी रिकॉर्ड में सुधार कराने तथा पंजीयन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए धान खरीदी केंद्रों एवं तहसील कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
किसानों का कहना है कि समय पर पंजीयन पूरा नहीं होने की स्थिति में उन्हें आगामी धान खरीदी प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों में चिंता बनी हुई है।
,,फार्मर आईडी से खसरा नंबर हटने की शिकायत,,
किसानों ने यह भी शिकायत की है कि पहले से फार्मर आईडी में दर्ज कुछ खसरा नंबर अब दिखाई नहीं दे रहे हैं या भूमि रिकॉर्ड को दोबारा लिंक कराने की आवश्यकता पड़ रही है। इससे किसान पंजीयन की प्रक्रिया पूरी करने में असमर्थ हो रहे हैं।
कुछ किसानों ने आरोप लगाया है कि पटवारियों की हड़ताल पर जाने से पहले फार्मर आईडी में दर्ज खसरा नंबर हटाए गए, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। किसानों ने इस संबंध में अपनी आशंकाएं व्यक्त की हैं। हालांकि, खसरा नंबर हटने के वास्तविक कारणों और इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
प्रशासनिक प्रयासों के बावजूद समस्या बरकरार
किसान पंजीयन की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गांवों में सरपंच-सचिवों के सहयोग के साथ सर्वेयर की व्यवस्था किए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद कई किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पाने से पंजीयन कार्य प्रभावित होने की शिकायतें मिल रही हैं।
भूमि रिकॉर्ड में दर्ज खसरा नंबरों का फार्मर आईडी से मिलान, रिकॉर्ड का दोबारा लिंक होना और संबंधित अधिकारियों से स्वीकृति मिलने जैसी प्रक्रियाओं में देरी होने पर किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों का पंजीयन पूरा कर पाना चुनौती बना हुआ है।
31 अक्टूबर से बढ़ाकर 10 नवंबर करने की मांग
जिला पंचायत सदस्य विद्वान सिंह मरकाम एवं विधायक प्रतिनिधि मनोहर सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि किसान पंजीयन की निर्धारित अंतिम तिथि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 10 नवंबर तक की जाए। उनका कहना है कि दूरस्थ गांवों में रहने वाले किसानों को पर्याप्त समय मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी फार्मर आईडी, खसरा नंबर और अन्य आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराकर पंजीयन पूरा कर सकें।
जनप्रतिनिधियों के अनुसार, पंजीयन की अवधि बढ़ने से उन किसानों को राहत मिल सकती है, जो तकनीकी समस्याओं, भूमि रिकॉर्ड में विसंगतियों या प्रशासनिक प्रक्रिया में देरी के कारण अब तक अपना पंजीयन नहीं करा पाए हैं।
,,किसानों को योजना के लाभ से वंचित न रखने की अपील,,
जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए पंजीयन प्रक्रिया को सरल बनाया जाए और लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए। साथ ही, दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष व्यवस्था कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान केवल पंजीयन में देरी या तकनीकी समस्या के कारण धान खरीदी से संबंधित प्रक्रिया में पीछे न रह जाए।
अब किसानों की नजर प्रशासन के निर्णय पर टिकी हुई है। यदि पंजीयन की अवधि बढ़ाने की मांग स्वीकार की जाती है, तो इससे उन किसानों को अतिरिक्त समय मिल सकेगा, जिनका पंजीयन अभी अधूरा है। फिलहाल, अंतिम तिथि बढ़ाने के संबंध में प्रशासन की आधिकारिक घोषणा की प्रतीक्षा है।