बड़ा -एक्शन: चोटिया कटघोरा में गरजा प्रशासन का बुलडोजर! अंतर-राज्यीय भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त हुई NH-130 की लाखो की बेशकीमती जमीन!,,
झारखंड, यूपी, बिहार और बंगाल के घुसपैठियों को सरकारी जमीन बेचने वाले मास्टरमाइंड अशोक दास के साम्राज्य पर चला ‘जेसीबी’; ग्रामीणों के कड़े तेवर और कलेक्टर के कड़े एक्शन के आगे झुके अतिक्रमणकारी!
🔥 मुख्य बिंदु: खेल खत्म, न्याय शुरू!
एक्शन ग्राउंड: ग्राम पंचायत चोटिया, बस स्टैंड से लेकर टोल प्लाजा तक (नेशनल हाईवे 130)।
आरोपी: स्थानीय भू-माफिया अशोक दास (पिता बालक दास)।
शिकायतकर्ता: आक्रोशित ग्राम पंचायत, पंच-सरपंच और जागरूक ग्रामीण।
अधिकारी जिन्होंने लिया एक्शन: कोरबा कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार देवांगन ने संभाला मोर्चा।
🛑 पूरी इनसाइड स्टोरी: सरकारी तंत्र की नाक के नीचे चल रहा था ‘जमीन बेचो खेल’
चोटिया- (पोड़ीउपरोडा):
विकासखंड पोड़ीउपरोडा के ग्राम पंचायत चोटिया में लंबे समय से चल रहे एक बहुत बड़े अंतर-राज्यीय भू-माफिया नेटवर्क का आखिरकार भंडाफोड़ हो गया है। नेशनल हाईवे 130 पर बस स्टैंड से लेकर सीधे टोल प्लाजा तक की करोड़ों रुपये की बेशकीमती सरकारी भूमि पर दूसरे राज्यों से आए बाहरी लोगों द्वारा बेखौफ होकर अवैध कब्जा जमाया जा रहा था।
इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड चोटिया निवासी अशोक दास (पिता बालक दास) बताया जा रहा है। आरोप है कि अशोक दास ने बाहरी राज्यों (झारखंड, यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल) से आए लोगों के साथ तगड़ी साठगांठ की थी। वह सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मकानों का निर्माण करवाता था और फिर उन्हें मोटी रकम में बाहरी लोगों को बेच देता था।
प्रशासन की ढिलाई पड़ी भारी, फिर ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
इस अवैध धंधे की शिकायत सबसे पहले तहसील कार्यालय पोड़ीउपरोडा में की गई थी। प्रशासन ने नोटिस भी जारी किया, लेकिन भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने दी गई समय-सीमा में भी अवैध निर्माण नहीं हटाया। पंचायत और स्थानीय पंच लगातार विभागों के चक्कर काटते रहे, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से क्षेत्र वासीयो का विश्वास घटता जा रहा था, यहाँ तक कि अस्पताल परिसर जैसी संवेदनशील सार्वजनिक संपत्ति को भी नहीं बख्शा गया, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया।
⚡ कलेक्टर की ‘सुपरफास्ट’ एंट्री और 21 मई का ‘बडा-एक्शन’
जब स्थानीय स्तर पर बात नहीं बनी, तो ग्राम पंचायत के पंच, सरपंच और ग्रामीणों ने एकजुट होकर सीधे कोरबा कलेक्टर के दरबार में हाजिरी लगाई। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दे दी थी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
मामले की गंभीरता और ग्रामीणों के गहरे आक्रोश को देखते हुए कलेक्टर महोदय ने तत्काल कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने बिना वक्त गंवाए संबंधित तहसीलदार देवांगन को फील्ड पर उतरकर तुरंत अवैध निर्माण ध्वस्त करने के कड़े निर्देश दिए।
🚜 तड़के सुबह गरजा जेसीबी, ढह गए आशियाने!
आज 21 मई को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में चोटिया बाजार में प्रशासन का बुलडोजर (जेसीबी) गरजा। देखते ही देखते हाईवे किनारे खड़े किए गए अवैध निर्माण को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया गया। इस बड़ी कार्रवाई से इलाके के भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है और ग्रामीणों ने प्रशासन के इस त्वरित और कड़े कदम का स्वागत किया है।