कोरबा: कम बारिश की आशंका को लेकर कलेक्टर अलर्ट, विभागों को अभी से कार्ययोजना बनाने के सख्त निर्देश,,
कोरबा, 23 जून 2026: मानसून काल में कम बारिश की मौसम विभाग की भविष्यवाणी को देखते हुए कोरबा जिला प्रशासन ने अग्रिम तैयारियां शुरू कर दी हैं। कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने समय-सीमा (TL) की साप्ताहिक बैठक में सभी विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कम बारिश की स्थिति में जिले में फसलों, पेयजल, खाद्यान्न भंडारण और पशुओं के चारे की कोई कमी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से अभी से कार्ययोजना बनाकर धरातल पर काम शुरू करें।
🌾 कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा: गांवों में लगेंगी ‘कृषि चौपाल’,,
कलेक्टर ने मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे किसानों को कम पानी में उगने वाली फसलों के प्रति जागरूक करें।
मोटे अनाजों पर जोर: किसानों को धान के बदले दलहन, तिलहन, कोदो-कुटकी और रागी जैसी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
कृषि चौपाल का आयोजन: सभी गांवों में कृषि चौपाल आयोजित की जाएगी। इसके लिए जनपद सीईओ ग्राम स्तर का शेड्यूल जारी करेंगे। इन चौपालों में पटवारी और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
💧 जल संरक्षण, पेयजल उपलब्धता और पलायन पर रोक
ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट से निपटने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सुनिश्चित करने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए गए हैं:
तालाब गहरीकरण को प्राथमिकता: ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार देने और जल स्तर बनाए रखने के लिए बीजीरामजी (मनरेगा) के तहत तालाब गहरीकरण और जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि पलायन की स्थिति न बने।
सूक्ष्म सिंचाई उद्यानिकी विभाग को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।
हैंडपंपों का तत्काल सुधार: लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग को बंद बोर और बिगड़े हैंडपंपों को तुरंत सुधारने तथा एक हेल्पलाइन नंबर जारी करने को कहा गया है ताकि पेयजल की शिकायतों का त्वरित निराकरण हो सके।
📦 राशन का अग्रिम भंडारण और पशुओं के लिए चारा प्रबंधन
खाद्यान्न वितरण सुचारू: खाद्य अधिकारी और सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया है कि वे जिले के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) केंद्रों में खाद्यान्न का सुचारू भंडारण और दैनिक वितरण सुनिश्चित करें।
पशुधन की सुरक्षा: पशुधन विकास विभाग को सूखे या कम बारिश की स्थिति से निपटने के लिए पशुओं के चारे की अग्रिम व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
🚀 ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ योजना का मिशन मोड में क्रियान्वयन
शासन की महत्वाकांक्षी ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने इसे मिशन मोड पर चलाने की बात कही।
शत-प्रतिशत लाभ (Saturation): योजना के तहत चिन्हित 35 लोककल्याणकारी योजनाओं का डेटा ग्राम पंचायत स्तर पर संकलित किया जाएगा।
विभागीय समन्वय: समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, श्रम, खाद्य, कृषि और शिक्षा विभाग जनपद सीईओ के साथ मिलकर पात्र हितग्राहियों को शत-प्रतिशत लाभान्वित करेंगे। इस पूरे अभियान के लिए जिला पंचायत सीईओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसके अलावा ‘पीएम जनमन’ गांवों में भी योजनाओं को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
💻 एग्रिस्टेक (AgriStack) पोर्टल पर पंजीयन के लिए एक हफ्ते का अल्टीमेटम
कलेक्टर ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रिस्टेक पोर्टल पर किसानों के पंजीयन की तहसीलवार समीक्षा की। उन्होंने सभी तहसीलदारों को कड़े निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर बचे हुए सभी किसानों का पंजीयन अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं। साथ ही संयुक्त खाताधारकों का बकेट क्लेम करने और लंबित खसरों को जोड़ने की कार्रवाई में तेजी लाने को कहा।
⚖️ राजस्व अमले पर बड़ी कार्रवाई: राजस्व निरीक्षक निलंबित, तहसीलदार को नोटिस
समय-सीमा के भीतर जनता के राजस्व मामलों का निराकरण न होने पर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कड़ी नाराजगी जाहिर की और मौके पर ही अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए:राजस्व निरीक्षक निलंबित: भैसमा तहसील के अंतर्गत सीमांकन का एक मामला एक वर्ष से लंबित रखने पर लापरवाही के दोषी राजस्व निरीक्षक (RI) करुणा मैत्री को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
तहसीलदार को नोटिस: इसी मामले में पर्यवेक्षणीय लापरवाही बरतने के कारण भैसमा तहसीलदार के. के. लहरे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
कलेक्टर की दो टूक चेतावनी:




