Close Menu
Jan Jan Ki AwaazJan Jan Ki Awaaz
    What's Hot

    कोरबा जिला वर्षा रिपोर्ट: 1 जून से अब तक औसतन 260.4 मिमी बारिश दर्ज, दीपका में सबसे ज्यादा बरसे बदरा,

    07/07/2026

    नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन बनाने कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय ‘एनकॉर्ड’ की बैठक,,

    07/07/2026

    कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ली समय-सीमा की बैठक: दिए कड़े निर्देश ​कोरबा | जन जन की आवाज़ (मुक्त प्रसार हेतु),

    07/07/2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Jan Jan Ki AwaazJan Jan Ki Awaaz
    • खास ख़बर
    • कोरबा
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    • मनोरंजन
    • खेलकूद
    • बिहार
    • व्यापार
    • ज्ञान विज्ञान
    Jan Jan Ki AwaazJan Jan Ki Awaaz
    Home » हरा सोना’ लाया खुशहाली: कोरबा के लेमरू में तेंदूपत्ता संग्रहण की मची धूम तेज धूप और तपन पर भारी पड़ रही ग्रामीणों की उम्मीदें,,
    Uncategorized

    हरा सोना’ लाया खुशहाली: कोरबा के लेमरू में तेंदूपत्ता संग्रहण की मची धूम तेज धूप और तपन पर भारी पड़ रही ग्रामीणों की उम्मीदें,,

    विनोद जायसवालBy विनोद जायसवाल24/05/2026
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    हरा सोना’ लाया खुशहाली: कोरबा के लेमरू में तेंदूपत्ता संग्रहण की मची धूम तेज धूप और तपन पर भारी पड़ रही ग्रामीणों की उम्मीदें,,

    ​कोरबा (छत्तीसगढ़): मई की भीषण गर्मी, आसमान से बरसती आग और तालाबों में सूखता पानी—यह मौसम भले ही चुनौतियाँ लेकर आता है, लेकिन कोरबा जिले के सुदूर वनांचल ग्राम लेमरू के ग्रामीणों के लिए यह समय उत्सव जैसा है। जंगलों में मिलने वाले ‘हरे सोने’ यानी तेंदूपत्ता ने इस बार यहाँ के सैकड़ों आदिवासी और वनाश्रित परिवारों की तकदीर बदल दी है। शासन द्वारा तेंदूपत्ता के दामों में की गई बढ़ोतरी से संग्राहकों में गजब का उत्साह है।

    ​जंगलों की पगडंडियों पर सुबह से शाम तक रौनक
    ​पूरा परिवार जुटा पत्तियां सहेजने और बंडल बनाने में
    ​गाँव की गलियों में दोपहर को भले ही सन्नाटा पसरा हो, लेकिन जंगल की पगडंडियाँ सुबह से ही गुलजार हो जाती हैं। बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सभी तड़के ही जंगलों की ओर निकल पड़ते हैं।
    ​कड़ी मेहनत का सिलसिला: जंगलों से उत्तम गुणवत्ता के पत्ते तोड़कर लाना, उनकी गठरियाँ बनाना और फिर घरों की छांव (परछी) में बैठकर 50-50 पत्तों की गड्डियाँ तैयार करना अब इनकी दिनचर्या बन चुका है।
    ​बढ़े दामों का उत्साह: ग्रामीणों के चेहरों पर थकान नहीं, बल्कि बढ़ी हुई आमदनी की चमक साफ देखी जा सकती है।
    ​संतोष और दिव्या की कहानी: परसा पेड़ की छाल और सपनों की उड़ान
    ​महतारी वंदन और तेंदूपत्ता की दोहरी ताकत
    ​लेमरू गाँव के संतोष यादव और उनकी पत्नी दिव्या यादव हर सुबह सूरज उगने से पहले ‘लाम पहाड़’ के घने जंगलों की ओर रुख करते हैं।
    ​दिव्या बताती हैं, “हम सुबह से दोपहर तक केवल पत्ते तोड़ते हैं। दोपहर बाद भोजन करके घर पर बंडल बनाने का काम शुरू होता है। इस साल बढ़ी हुई कीमतों को देखते हुए हम पिछले साल से कहीं ज्यादा मेहनत कर रहे हैं।”
    ​संतोष आज भी पारंपरिक तरीके से परसा पेड़ की छाल से रस्सी तैयार कर तेंदूपत्तों की गड्डियाँ बाँधते हैं। दिव्या को राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता भी मिल रही है। वे कहती हैं कि इस सरकारी मदद और तेंदूपत्ते की बढ़ी कमाई से अब वे अपने पक्के मकान का सपना पूरा करेंगी।
    ​₹2,500 से ₹5,500 तक का सफर: वनवासियों के जीवन में बड़ा बदलाव
    ​बढ़ा मानदेय और सामाजिक सुरक्षा का मिला सुरक्षा कवच
    ​गाँव की अन्य महिला संग्राहक सोना बाई और सुमित्रा बाई भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। उन्होंने बीते वर्षों के सफर को याद करते हुए बताया कि कैसे उनकी आय में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है:

    पूर्व की दर (प्रति मानक बोरा) संशोधित दर (प्रति मानक बोरा) वर्तमान दर (मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार)
    ₹ 2,500 ₹ 4,000

    1. अतिरिक्त लाभ:

      ​बीमा सुरक्षा: संग्राहक कार्ड के माध्यम से परिवारों को दुर्घटना और जीवन बीमा का लाभ मिल रहा है।

      ​बच्चों की पढ़ाई: वनांचल के बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए विशेष छात्रवृत्ति की सुविधा दी जा रही है।

      ​मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

      ​मेहनत का मिल रहा सही मोल

      ​तेंदूपत्ता की ऐतिहासिक कीमत (5500 रुपये प्रति मानक बोरा) तय करने पर लेमरू सहित पूरे कोरबा जिले के संग्राहकों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है। ग्रामीणों का मानना है कि इस संवेदनशील फैसले ने उनकी आर्थिक रीढ़ को मजबूत किया है।

      ​तेंदूपत्ता अब सिर्फ एक वनोपज नहीं, बल्कि इन परिवारों के आत्मनिर्भर बनने और खुशहाल भविष्य बुनने का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है।

    Share. Facebook Twitter
    विनोद जायसवाल

    Related Posts

    कोरबा जिला वर्षा रिपोर्ट: 1 जून से अब तक औसतन 260.4 मिमी बारिश दर्ज, दीपका में सबसे ज्यादा बरसे बदरा,

    07/07/2026

    नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन बनाने कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय ‘एनकॉर्ड’ की बैठक,,

    07/07/2026

    कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ली समय-सीमा की बैठक: दिए कड़े निर्देश ​कोरबा | जन जन की आवाज़ (मुक्त प्रसार हेतु),

    07/07/2026

    गिट्टी क्रेशर प्लांट में चोरी और आगजनी, चार आरोपी गिरफ्तार,,

    07/07/2026

    जीपीएम जिले में पंचायत सचिवों का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 43 सचिवों का हुआ तबादला

    07/07/2026

    चलती बस बनी प्रसूति कक्ष: कोरबा से पटना जा रही बस में महिला ने दिया स्वस्थ शिशु को जन्म

    07/07/2026
    Editors Picks

    कोरबा जिला वर्षा रिपोर्ट: 1 जून से अब तक औसतन 260.4 मिमी बारिश दर्ज, दीपका में सबसे ज्यादा बरसे बदरा,

    07/07/2026

    नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन बनाने कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय ‘एनकॉर्ड’ की बैठक,,

    07/07/2026

    कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ली समय-सीमा की बैठक: दिए कड़े निर्देश ​कोरबा | जन जन की आवाज़ (मुक्त प्रसार हेतु),

    07/07/2026

    गिट्टी क्रेशर प्लांट में चोरी और आगजनी, चार आरोपी गिरफ्तार,,

    07/07/2026
    About Us
    About Us

    Founder: Vinod Jaiswal
    Mobile : 8770560852 Email : janjankiawaaznews@gmail.com

    Follow for More
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    Category
    • Uncategorized
    • कोरबा
    • खास ख़बर
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    © 2026 Jan Jan ki Awaaz. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • Contact Us
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.