नेपाल और तिब्बत सीमा (विशेषकर त्रिशूली और भोटे कोशी नदी क्षेत्र) पर हाल ही में ग्लेशियर टूटने की वजह से भयानक फ्लैश फ्लड (अचानक आई बाढ़) और भूस्खलन हुआ है।
आपदा का ताज़ा अपडेट: यह एक बहुत बड़ी त्रासदी साबित हुई है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसमें 390 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 1,460 से ज्यादा लोग लापता हैं। लापता लोगों में 177 से अधिक भारतीय भी शामिल हैं, जिनमें से कई कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर गए थे। बाढ़ ने नेपाल के कई पुलों, सड़कों और प्रमुख हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
बिहार और उत्तर प्रदेश पर प्रभाव: चूंकि नेपाल का पानी बहकर भारत आता है, इसलिए नेपाल सीमा से सटे बिहार के इलाकों (जैसे गंडक नदी क्षेत्र) में एहतियातन हाई अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि NDRF ने स्पष्ट किया है कि नेपाल की इस भयानक बाढ़ का अब तक उत्तर प्रदेश और बिहार के सीमावर्ती इलाकों में कोई भी प्रतिकूल (adverse) प्रभाव नहीं पड़ा है। हालात नियंत्रण में हैं और प्रशासन लगातार जलस्तर पर निगरानी रख रहा है।














