Close Menu
Jan Jan Ki AwaazJan Jan Ki Awaaz
    What's Hot

    भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका! चुनाव याचिका पर हाई कोर्ट का आदेश बरकरार, पाटन चुनाव विवाद की सुनवाई का रास्ता साफ

    03/11/2026

    नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में मिलेगी नई पहचान, 16 एकड़ में लगा अभियान* विकसित भारत संकल्प पार्क में 2,500 से अधिक पीपल और 500 स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगे,,

    03/11/2026

    जनदर्शन में उमड़ी फरियादियों की भीड़, कलेक्टर ने सुनीं समस्याएं; 41 आवेदनों पर अधिकारियों को समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश

    03/11/2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Jan Jan Ki AwaazJan Jan Ki Awaaz
    • खास ख़बर
    • कोरबा
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    • मनोरंजन
    • खेलकूद
    • बिहार
    • व्यापार
    • ज्ञान विज्ञान
    Jan Jan Ki AwaazJan Jan Ki Awaaz
    Home » छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, चक्रवात ‘मुरासु’ का असर; 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश की चेतावनी
    Uncategorized

    छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, चक्रवात ‘मुरासु’ का असर; 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश की चेतावनी

    विनोद जायसवालBy विनोद जायसवाल03/11/2026
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    छत्तीसगढ़ में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, चक्रवात ‘मुरासु’ का असर; 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश की चेतावनी,,

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 3 और 4 नवंबर को राज्य के कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खासकर दक्षिण छत्तीसगढ़ और बस्तर संभाग में इसका ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।

    बस्तर संभाग में अधिक असर की आशंका

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार चक्रवात के प्रभाव से बस्तर संभाग सहित दक्षिणी छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश की स्थिति भी बन सकती है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है।

    आंध्र प्रदेश के तट को पार कर चुका है चक्रवात

    मौसम विभाग के 2 नवंबर के बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मुरासु काफी शक्तिशाली हो गया था। इसके बाद 3 नवंबर की सुबह तक इसके आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की जानकारी सामने आई। तूफान के तटीय क्षेत्र में पहुंचने के दौरान तेज हवाओं और भारी बारिश का खतरा बना हुआ था।

    120 किलोमीटर प्रति घंटे तक हवाओं की चेतावनी

    चक्रवात के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने तथा झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का पूर्वानुमान था। हालांकि यह चेतावनी मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के लिए थी। छत्तीसगढ़ में हवा की रफ्तार और बारिश का प्रभाव स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है।

    छत्तीसगढ़ के इन इलाकों में सतर्कता जरूरी

    बस्तर संभाग और दक्षिणी जिलों में तेज बारिश की संभावना को देखते हुए नदी-नालों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान बिजली गिरने, जलभराव और ग्रामीण मार्गों पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।

    कई पड़ोसी राज्यों में भी मौसम का असर

    चक्रवात मुरासु के प्रभाव से आंध्र प्रदेश के अलावा तेलंगाना और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम की स्थिति तूफान की दिशा, उसकी गति और कमजोर पड़ने की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

    क्या है ‘मुरासु’ नाम का अर्थ?

    चक्रवात मुरासु का नाम भारत की ओर से प्रस्तावित किया गया है। तमिल भाषा में ‘मुरासु’ का अर्थ पारंपरिक नगाड़ा या युद्ध के समय बजाया जाने वाला ढोल होता है। हिंद महासागर क्षेत्र में बनने वाले चक्रवातों के नामकरण के लिए सदस्य देशों द्वारा नामों की सूची निर्धारित की जाती है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट और जिला स्तर की चेतावनियों पर नजर रखें तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।

    Share. Facebook Twitter
    विनोद जायसवाल

    Related Posts

    भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका! चुनाव याचिका पर हाई कोर्ट का आदेश बरकरार, पाटन चुनाव विवाद की सुनवाई का रास्ता साफ

    03/11/2026

    नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में मिलेगी नई पहचान, 16 एकड़ में लगा अभियान* विकसित भारत संकल्प पार्क में 2,500 से अधिक पीपल और 500 स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगे,,

    03/11/2026

    जनदर्शन में उमड़ी फरियादियों की भीड़, कलेक्टर ने सुनीं समस्याएं; 41 आवेदनों पर अधिकारियों को समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश

    03/11/2026

    पटवारी आंदोलन पर किसानों का फूटा गुस्सा! धान खरीदी और गिरदावली के वक्त ही हड़ताल क्यों? किसानों ने उठाए गंभीर सवाल, शासन से सख्त कार्रवाई की मांग

    03/11/2026

    सूरजपुर में हाथियों का खूनी तांडव! महज दो घंटे में दो ग्रामीणों की मौत, इलाके में दहशत का माहौल, 

    02/11/2026

    कोरबा में 2 नवंबर को धूमधाम से मनेगा राज्योत्सव-2026, घंटाघर में सजेगा छत्तीसगढ़ी संस्कृति का महामंच  छत्तीसगढ़ की 26वीं वर्षगांठ पर मंत्री लखनलाल देवांगन होंगे मुख्य अतिथि, लोकगायक सुनील सोनी की आवाज बनेगी मुख्य आकर्षण,,

    01/11/2026
    Editors Picks

    भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका! चुनाव याचिका पर हाई कोर्ट का आदेश बरकरार, पाटन चुनाव विवाद की सुनवाई का रास्ता साफ

    03/11/2026

    नवा रायपुर को ‘पीपल सिटी’ के रूप में मिलेगी नई पहचान, 16 एकड़ में लगा अभियान* विकसित भारत संकल्प पार्क में 2,500 से अधिक पीपल और 500 स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगे,,

    03/11/2026

    जनदर्शन में उमड़ी फरियादियों की भीड़, कलेक्टर ने सुनीं समस्याएं; 41 आवेदनों पर अधिकारियों को समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश

    03/11/2026

    पटवारी आंदोलन पर किसानों का फूटा गुस्सा! धान खरीदी और गिरदावली के वक्त ही हड़ताल क्यों? किसानों ने उठाए गंभीर सवाल, शासन से सख्त कार्रवाई की मांग

    03/11/2026
    About Us
    About Us

    Founder: Vinod Jaiswal
    Mobile : 8770560852 Email : janjankiawaaznews@gmail.com

    Follow for More
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    Category
    • Uncategorized
    • कोरबा
    • खास ख़बर
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    © 2026 Jan Jan ki Awaaz. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • Contact Us
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.