सरकारी जिम्मेदारियों से बेपरवाही पड़ी भारी! कलेक्टर ने पटवारी को किया तत्काल प्रभाव से निलंबित,, एग्रीस्टैक से लेकर धान खरीदी की तैयारियों तक लापरवाही के गंभीर आरोप, कारण बताओ नोटिस का जवाब भी नहीं आया संतोषजनक; प्रशासनिक कार्रवाई से राजस्व विभाग में मचा हड़कंप।
सरकारी जिम्मेदारियों से बेपरवाही पड़ी भारी! कलेक्टर ने पटवारी को किया तत्काल प्रभाव से निलंबित,,
एग्रीस्टैक से लेकर धान खरीदी की तैयारियों तक लापरवाही के गंभीर आरोप, कारण बताओ नोटिस का जवाब भी नहीं आया संतोषजनक; प्रशासनिक कार्रवाई से राजस्व विभाग में मचा हड़कंप।
कोरबा। सरकारी दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही और अपने कार्यक्षेत्र के प्रति गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाना एक पटवारी को भारी पड़ गया। राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों में लगातार उदासीनता बरतने तथा शासकीय जिम्मेदारियों के प्रति गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने पटवारी मिथिलेश वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है।
मामला कोरबा जिले के दर्री तहसील अंतर्गत भैरोताल क्षेत्र में पदस्थ पटवारी मिथिलेश वर्मा से जुड़ा है। जारी आदेश के मुताबिक, पटवारी द्वारा अपने दैनिक कार्यों की डायरी नियमित रूप से संधारित नहीं की जा रही थी। इसके अलावा किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों, एग्रीस्टैक पंजीयन, बकेट क्लेम डिजिटल ऐप में प्रविष्टि तथा मोबाइल ऐप के माध्यम से आवश्यक जानकारी दर्ज करने जैसे कार्यों में भी अपेक्षित प्रगति नहीं पाई गई।
इतना ही नहीं, नक्शा बटांकन, अभिलेख दुरुस्ती और शासन की महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2025-26 की मैनुअल गिरदावरी से संबंधित कार्य भी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं किए जाने का उल्लेख आदेश में किया गया है।
कारण बताओ नोटिस का जवाब भी नहीं कर सका संतुष्ट
प्रशासन ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए पहले संबंधित पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। पटवारी द्वारा 5 अक्टूबर 2026 को प्रस्तुत जवाब को कार्यालय ने संतोषजनक एवं समाधानकारक नहीं माना। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि 13 अक्टूबर 2026 से पटवारी के लगातार शासकीय कर्तव्यों से अनुपस्थित रहने के कारण किसानों की फसल क्षति का आकलन तथा धान खरीदी से पहले किसानों की समस्याओं के निराकरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
किसानों के काम में बाधा को प्रशासन ने माना गंभीर मामला
आज के दौर में जब शासन किसानों के पंजीयन, फसल गिरदावरी, धान खरीदी और राजस्व अभिलेखों को डिजिटल माध्यम से दुरुस्त करने पर जोर दे रहा है, ऐसे समय में मैदानी स्तर पर पदस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। किसानों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और उनके राजस्व संबंधी मामलों का निराकरण करना विभागीय कर्मचारियों का प्राथमिक दायित्व है।
ऐसे में यदि जिम्मेदार पद पर बैठे कर्मचारी ही अपने दायित्वों के प्रति उदासीनता बरतें, तो इसका सीधा खामियाजा आम किसानों को भुगतना पड़ता है।
निलंबन अवधि में अजगरबहार तहसील मुख्यालय निर्धारित
कलेक्टर द्वारा छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत पटवारी मिथिलेश वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय तहसील अजगरबहार निर्धारित किया गया है। साथ ही नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
प्रशासनिक कार्रवाई ने दिया स्पष्ट संदेश
इस कार्रवाई को राजस्व विभाग के मैदानी अमले के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है कि शासकीय पद केवल जिम्मेदारी और अधिकार का माध्यम नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही का भी दायित्व है।
किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में लापरवाही और सरकारी आदेशों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध प्रशासन सख्त रुख अपना सकता है।
अब देखना होगा कि जिले के अन्य राजस्व क्षेत्रों में भी लंबित कार्यों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा किस तरह की जाती है।