चोटिया: अस्पताल परिसर निर्माण में भू-माफियाओं का तांडव, तहसीलदार के आदेश को भी दिखाया ठेंगा
कोरबा पोडीउपरोडा चोटिया —— दो साल से अटका शासकीय प्रोजेक्ट: पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत चोटिया में वर्ष 2000-23-24 में अस्पताल कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन निर्माण की स्वीकृति मिली थी। लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी यह जनहितकारी परियोजना भू-माफियाओं के षड्यंत्र और अतिक्रमण की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।
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इंजीनियर के लेआउट पर फेरा पानी: —– निर्माण प्रक्रिया के तहत विभागीय इंजीनियर द्वारा बकायदा लेआउट डालकर फाउंडेशन (नींव) के लिए गड्ढे खुदवाए गए थे। आरोप है कि 19 अप्रैल 2026 को दबंग अतिक्रमणकारियों, अमित बनर्जी और अशोक दास, ने बेखौफ होकर जेसीबी मशीन से उन गड्ढों को मिट्टी से पाट दिया।
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प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना: —— मामले की गंभीरता को देखते हुए बांगो थाना पुलिस और तहसीलदार ने मौके का निरीक्षण किया था। तहसीलदार द्वारा संबंधित आरोपियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि खोदे गए गड्ढों को तत्काल पूर्ववत स्थिति में लाया जाए, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों ने गड्ढे नहीं खोदे।

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बाहरी राज्यों के लोगों को जमीन बेचने का गिरोह:
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स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि भू-माफिया अशोक दास द्वारा चोटिया बाजार से लेकर टोल प्लाजा तक की बेशकीमती सरकारी भूमि को झारखंड, यूपी और बिहार बंगाल से आए बाहरी लोगों को अवैध रूप से बेचा जा रहा है। सरकारी तंत्र की नाक के नीचे चल रहे इस खेल से क्षेत्र का नक्शा बिगड़ रहा है।
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पंचायत की शिकायतों पर चुप्पी:
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ग्राम पंचायत और स्थानीय पंचों द्वारा इस अवैध कब्जे और खरीद-फरोख्त की जानकारी लगातार संबंधित विभागों को दी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ठोस कार्रवाई के अभाव में इन भू-माफियाओं के हौसले सातवें आसमान पर हैं, जिससे शासन की विकास योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं।
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ग्रामीणों में गहरा आक्रोश:
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अस्पताल परिसर जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्ति पर निजी स्वार्थ के चलते किए जा रहे हमले से ग्रामीणों में भारी रोष है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अतिक्रमणकारियों पर कड़ी कार्रवाई कर निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

