नेपाल त्रासदी: बाढ़ और भूस्खलन में 32 देशों के 1400 से अधिक लोग फंसे, छत्तीसगढ़ की डॉ. मीना गुप्ता समेत 290 भारतीय लापता,,
कोरबा—-नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित इमीग्रेशन सेंटर के अचानक आई भीषण बाढ़ की चपेट में आने से बड़ा हादसा हो गया है। इस आपदा में 32 से अधिक देशों के 1400 से ज्यादा नागरिक और श्रद्धालु प्रभावित हुए हैं, जो ट्रेकिंग, टूर और कैलाश मानसरोवर यात्रा के सिलसिले में वहां पहुंचे थे। अब तक मिली जानकारी के अनुसार, लापता लोगों में 290 भारतीय, 113 नेपाली पर्यटक, सेना व पुलिस के 85 जवान और स्थानीय रसुवा जिले के 161 लोग शामिल हैं। राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं और अब तक 50 विदेशी नागरिकों को हेलिकॉप्टर की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया है।
इमीग्रेशन सेंटर के पास हुआ हादसा
घटना 25 अगस्त की है, जब कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं का एक दल नेपाल-तिब्बत सीमा पर स्थित इमीग्रेशन सेंटर में यात्रा की कागजी औपचारिकताएं पूरी कर रहा था। उसी दौरान अचानक आई तेज बाढ़ में पूरा केंद्र बह गया। इस दुर्घटना के बाद से दल के सभी 80 सदस्य लापता हैं।
विदेशी नागरिकों की सूची
आपदा में विभिन्न देशों के कई नागरिक लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी संख्या इस प्रकार है:
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भारत: 290
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अमेरिका: 90
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यूक्रेन: 55
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मलेशिया: 51
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ऑस्ट्रेलिया: 39
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ब्रिटेन: 33
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कनाडा: 25
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दक्षिण कोरिया: 9
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सिंगापुर, जर्मनी एवं रूस: 8-8
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दक्षिण अफ्रीका एवं लातविया: 6-6
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जापान एवं न्यूजीलैंड: 5-5
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फ्रांस: 4













