शराब घोटाला मामला: सुप्रीम कोर्ट से चैतन्य बघेल को राहत, ईडी और छत्तीसगढ़ सरकार की याचिकाएं खारिज,,
नई दिल्ली: कथित शराब घोटाला मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को बड़ी राहत मिली है। उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) और छत्तीसगढ़ सरकार की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें चैतन्य बघेल को मिली जमानत को चुनौती दी गई थी।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एक महत्वपूर्ण आदेश देते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा राज्य पुलिस की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की कार्यप्रणाली पर की गई प्रतिकूल टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटा दिया है।
पीठ ने सुनाया फैसला
यह निर्णय प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की तीन सदस्यीय पीठ ने सुनाया।
क्या थी पक्ष-विपक्ष की दलीलें?
जांच एजेंसियों का पक्ष: ईडी और राज्य की ईओडब्ल्यू (EOW) ने धनशोधन (Money Laundering) व मूल मामले में हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत के खिलाफ अलग-अलग अपील दायर की थी। राज्य सरकार का दावा था कि चैतन्य बघेल इस बहुचर्चित शराब घोटाले के मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल हैं।
बघेल के वकील का तर्क: चैतन्य बघेल के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि उच्च न्यायालय ने मामले के सभी साक्ष्यों और तथ्यों का गहराई से अवलोकन करने के बाद ही जमानत दी थी। साथ ही, उन्होंने यह भी ध्यान दिलाया कि इस मामले में पिछले दो वर्षों से लगातार जांच जारी है।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के जमानत के फैसले को बरकरार रखते हुए ईडी और राज्य सरकार की अर्जियों को खारिज कर दिया।