Close Menu
Jan Jan Ki AwaazJan Jan Ki Awaaz
    What's Hot

    कोरबा जिला वर्षा रिपोर्ट: 1 जून से अब तक औसतन 260.4 मिमी बारिश दर्ज, दीपका में सबसे ज्यादा बरसे बदरा,

    07/07/2026

    नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन बनाने कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय ‘एनकॉर्ड’ की बैठक,,

    07/07/2026

    कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ली समय-सीमा की बैठक: दिए कड़े निर्देश ​कोरबा | जन जन की आवाज़ (मुक्त प्रसार हेतु),

    07/07/2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Jan Jan Ki AwaazJan Jan Ki Awaaz
    • खास ख़बर
    • कोरबा
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    • मनोरंजन
    • खेलकूद
    • बिहार
    • व्यापार
    • ज्ञान विज्ञान
    Jan Jan Ki AwaazJan Jan Ki Awaaz
    Home » ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सिविल डिफेंस को मजबूत करने की दिशा में काम शुरू,CG के रायपुर ,बिलासपुर ,कोरबा समेत 9 जिले को ‘सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट’ घोषित करने की तैयारी ,तैयार होंगे 2,700 वालेंटियर ,जानें क्या होगी इनकी भूमिका ….
    Uncategorized

    ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सिविल डिफेंस को मजबूत करने की दिशा में काम शुरू,CG के रायपुर ,बिलासपुर ,कोरबा समेत 9 जिले को ‘सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट’ घोषित करने की तैयारी ,तैयार होंगे 2,700 वालेंटियर ,जानें क्या होगी इनकी भूमिका ….

    विनोद जायसवालBy विनोद जायसवाल15/05/2025
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Copy Link

    ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सिविल डिफेंस को मजबूत करने की दिशा में काम शुरू,CG के रायपुर ,बिलासपुर ,कोरबा समेत 9 जिले को ‘सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट’ घोषित करने की तैयारी ,तैयार होंगे 2,700 वालेंटियर ,जानें क्या होगी इनकी भूमिका ….

    रायपुर। आतंकवाद के खिलाफ देश में चल रहे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने भी सिविल डिफेंस को मजबूत करने की दिशा में काम शुरू किया है। प्रदेश के राज्य के नौ शहरों को ‘सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट’ घोषित करने की तैयारी है।

    इन जिलों में रायपुर, कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर, जांजगीर-चांपा, धमतरी और दंतेवाड़ा शामिल हैं। दुर्ग-भिलाई में प्रारंभिक क्रियान्वयन के बाद अब अन्य जिलों में लगभग 2,700 वालेंटियर तैयार किए जाएंगे।

    पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों के अनुसार हाल ही में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में डीजीपी अरुणदेव गौतम, होम गार्ड्स और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।

    नीति के अनुसार हर जिले से 300 वालंटियरों का चयन कर उन्हें दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आपातकालीन या युद्ध जैसी परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया दे सकें। यह प्रशिक्षण हर वर्ष दोहराया जाएगा और सभी वालंटियरों के रिकॉर्ड को नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा।

    इसके तहत हो रही प्रक्रिया…..

    आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह पहल सिविल डिफेंस एक्ट, 1968 के तहत की जा रही है, जिसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत भी मान्यता प्राप्त है। वर्ष 2009 में इस अधिनियम के दायरे को बढ़ाकर आपदा प्रबंधन को भी शामिल किया गया था। प्रारंभ में सिविल डिफेंस की गतिविधियां केवल भिलाई तक सीमित थीं, लेकिन बाद में पूरे दुर्ग जिले को इसमें शामिल किया गया।

    ये होगा जरूरी….👇

    सभी वालंटियरों को माक ड्रिल और वार्षिक रिव्यू प्रक्रिया में भी भाग लेना अनिवार्य

    सभी वालंटियरों को माक ड्रिल और वार्षिक रिव्यू प्रक्रिया में भी भाग लेना अनिवार्य होगा। जिला कलेक्टरों को इस अभियान के संचालन, भर्ती और तैयारियों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने सभी 33 जिलों में चेतावनी सायरन लगाने का निर्देश दिया है।

    हर जिले को मिलेंगे 5 सायरन यूनिट 👇

    हर जिले को चार से 5 सायरन यूनिट प्राप्त होंगी, जिन्हें एसडीआरएफ के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इनका उपयोग आपातकालीन स्थितियों में तेज़ और प्रभावी संचार के लिए किया जाएगा।

    ये जिले पहले ही ‘डिजास्टर मित्र’ के रूप में चयनित…..👇

    इससे पहले राज्य सरकार ने रायपुर, कोरबा, राजनांदगांव और सुकमा को ‘डिजास्टर मित्र’ पायलट ज़िले के रूप में चयनित किया था, जहां 1,200 वालंटियरों को प्रशिक्षण दिया गया। अब सरकार इन डिजास्टर मित्रों के लिए हर साल प्री-मानसून सत्र आयोजित करेगी, जिसमें स्किल रिफ्रेशर और आपदा प्रतिक्रिया रणनीति पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    क्या होता है ‘सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट’….👇

    ‘सिविल डिफेंस डिस्ट्रिक्ट’ में ऐसे विशेष जिले होते हैं जो आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासनिक संचालन, हवाई हमले की चेतावनी, ब्लैकआउट अभ्यास, और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने जैसे कार्यों के लिए जिम्मेदार होते हैं।
    इन जिलों में नागरिकों, छात्रों, वालंटियरों और सुरक्षाबलों को प्रशिक्षित किया जाता है। इन्हें माक ड्रिल के दौरान हवाई हमले का सायरन, ब्लैकआउट, और रेस्क्यू आपरेशन जैसे हालातों का अभ्यास कराया जाता है। इसका उद्देश्य आम लोगों में सजगता बढ़ाना और किसी आपात स्थिति में व्यवस्थित प्रतिक्रिया की क्षमता विकसित करना है।

    Share. Facebook Twitter
    विनोद जायसवाल
    • Website

    Related Posts

    कोरबा जिला वर्षा रिपोर्ट: 1 जून से अब तक औसतन 260.4 मिमी बारिश दर्ज, दीपका में सबसे ज्यादा बरसे बदरा,

    07/07/2026

    नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन बनाने कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय ‘एनकॉर्ड’ की बैठक,,

    07/07/2026

    कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ली समय-सीमा की बैठक: दिए कड़े निर्देश ​कोरबा | जन जन की आवाज़ (मुक्त प्रसार हेतु),

    07/07/2026

    गिट्टी क्रेशर प्लांट में चोरी और आगजनी, चार आरोपी गिरफ्तार,,

    07/07/2026

    जीपीएम जिले में पंचायत सचिवों का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 43 सचिवों का हुआ तबादला

    07/07/2026

    चलती बस बनी प्रसूति कक्ष: कोरबा से पटना जा रही बस में महिला ने दिया स्वस्थ शिशु को जन्म

    07/07/2026
    Editors Picks

    कोरबा जिला वर्षा रिपोर्ट: 1 जून से अब तक औसतन 260.4 मिमी बारिश दर्ज, दीपका में सबसे ज्यादा बरसे बदरा,

    07/07/2026

    नशा मुक्ति अभियान को जनआंदोलन बनाने कलेक्टर ने ली जिला स्तरीय ‘एनकॉर्ड’ की बैठक,,

    07/07/2026

    कलेक्टर कुणाल दुदावत ने ली समय-सीमा की बैठक: दिए कड़े निर्देश ​कोरबा | जन जन की आवाज़ (मुक्त प्रसार हेतु),

    07/07/2026

    गिट्टी क्रेशर प्लांट में चोरी और आगजनी, चार आरोपी गिरफ्तार,,

    07/07/2026
    About Us
    About Us

    Founder: Vinod Jaiswal
    Mobile : 8770560852 Email : janjankiawaaznews@gmail.com

    Follow for More
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    Category
    • Uncategorized
    • कोरबा
    • खास ख़बर
    • छत्तीसगढ़
    • देश
    © 2026 Jan Jan ki Awaaz. Designed by Nimble Technology.
    • Home
    • Privacy Policy
    • Contact Us
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.