कोरबा पुलिस की अपील: बैंक खाता, एटीएम या सिम किसी को न दें, आ सकते हैं कानूनी शिकंजे में
कोरबा। जिला पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटेल, साइबर नोडल अधिकारी नितीश ठाकुर (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कटघोरा) के मार्गदर्शन और साइबर थाना प्रभारी ललित कुमार चंद्रा के नेतृत्व में म्यूल अकाउंट के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है।
गृह मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त निर्देशों के तहत कोरबा साइबर पुलिस उन बैंक खातों पर पैनी नजर रख रही है, जिनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड की राशि खपाने के लिए किए जाने की आशंका है।
🚨 दो खाताधारक गिरफ्तार, बैंक खाते दिए थे किराए पर
हाल ही में साइबर पुलिस थाना कोरबा ने विभिन्न संदिग्ध बैंक खातों के संबंध में अपराध दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) एवं 318(4) के तहत जांच शुरू की।
तफ्तीश के दौरान दो अलग-अलग मामलों में दो खाताधारकों—महेंद्र कुमार धीवर (निवासी मानस नगर, कोरबा) और के. प्रभाकर राव (निवासी कृष्ण नगर, कोरबा) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पूछताछ में खुलासा: दोनों आरोपियों ने थोड़े से कमीशन और आर्थिक लाभ के लालच में अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को इस्तेमाल करने के लिए दे दिए थे। बाद में जब खाते होल्ड हुए, तब उन्हें धोखाधड़ी का अहसास हुआ। पुलिस ने दोनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर आगे की विवेचना शुरू कर दी है।
🔍 क्या होता है म्यूल अकाउंट ?
साइबर ठग आम लोगों को आसान कमाई या भारी कमीशन का लालच देते हैं। वे उनके नाम पर नए खाते खुलवाते हैं या पुराने चालू खातों को किराए पर ले लेते हैं। इन खातों का उपयोग साइबर क्राइम से लूटी गई रकम के लेन-देन (मनी लांड्रिंग) के लिए किया जाता है।
⚠️ ध्यान दें: यदि आप अपना बैंक खाता किसी और को इस्तेमाल करने देते हैं, तो भले ही आप सीधे ठगी न कर रहे हों, कानूनन आप साइबर अपराध के सह-आरोपी माने जाएंगे और जेल जा सकते हैं।
🛡️ कोरबा पुलिस की आम जनता से जरूरी अपील
साइबर अपराधों से बचने के लिए नागरिक निम्नलिखित सावधानियों का सख्ती से पालन करें:
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- खाता शेयर न करें: अपना बैंक खाता किसी भी स्थिति में किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल हेतु न दें।
- गोपनीयता बनाए रखें: एटीएम/डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक, ओटीपी (OTP) या इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड किसी से साझा न करें।
- सिम व मोबाइल नंबर: अपना सिम कार्ड या पंजीकृत मोबाइल नंबर किसी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति को उपयोग करने न दें।
- लालच से बचें: कमीशन, आसान कमाई या घर बैठे पैसे कमाने के झांसे में आकर अपना खाता उपलब्ध न कराएं।
- नियमित मॉनिटरिंग: अपने बैंक खाते के लेन-दे पर लगातार नजर रखें।
- संदिग्ध ट्रांजैक्शन: अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने खाते में पैसे मंगाकर उसे किसी और खाते में ट्रांसफर या कैश निकालकर न दें।
- तत्काल रिपोर्ट करें: किसी भी प्रकार के संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिलते ही तुरंत अपने बैंक और नजदीकी पुलिस स्टेशन या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचित करें।
“थोड़े से आर्थिक लाभ का लालच आपको साइबर अपराध की जांच और कानूनी कार्रवाई की चपेट में ला सकता है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”
— जिला कोरबा पुलिस, छत्तीसगढ़
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