अमरकंटक में मध्य प्रदेश कलचुरी समवर्गीय महासभा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक संपन्न: महिलाओं को सामाजिक और राजनीतिक नेतृत्व में आगे लाने का संकल्प,,
अमरकंटक में आयोजित मध्य प्रदेश कलचुरी समवर्गीय महासभा की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक सामाजिक समरसता, संगठन की मजबूती और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के बड़े संकल्पों के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ राजराजेश्वर भगवान सहस्त्रबाहु जी के पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इस दौरान समाज की एकता, संगठन विस्तार, नई पीढ़ी को गौरवशाली इतिहास से जोड़ने और महिलाओं को सामाजिक एवं राजनीतिक नेतृत्व में आगे लाने पर विशेष मंथन हुआ।
प्रमुख अतिथियों एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में मध्य प्रदेश शासन के मंत्री दिलीप जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष मुन्नालाल जायसवाल ने की।
इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव राकेश कुमार जायसवाल, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मनोहर चौकसे, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष रामगोपाल डिक्सेना, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. राजेश जायसवाल, शहडोल नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम दास जायसवाल, राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष आशा राय, प्रदेश संरक्षक कृष्ण कुमार जायसवाल, पूर्व डायरेक्टर विंध्य विकास प्राधिकरण रमापति जयसवाल, प्रदेश महामंत्री राकेश शिवहरे, प्रदेश कोषाध्यक्ष राजेश जायसवाल (पप्पू), भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश मंत्री सीमा जायसवाल, प्रदेश महिला महामंत्री स्वाति जायसवाल, राष्ट्रीय सचिव विनोद जायसवाल, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अशोक जयसवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष रामस्वरूप जायसवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष रामकिशोर जायसवाल, प्रदेश सचिव शिवलाल (बबलू) जायसवाल, अनूपपुर जिला अध्यक्ष ज्ञानचंद्र जायसवाल तथा अनूपपुर कार्यकारी जिला अध्यक्ष राममिलन जायसवाल सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मंचासीन रहे।
महिला सत्र: सामाजिक और राजनीतिक नेतृत्व पर जोर
बैठक के दौरान आयोजित महिला सत्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष आशा राय के मुख्य आतिथ्य एवं प्रदेश महामंत्री स्वाति जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न इस सत्र में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का कुशल संचालन सुनयना जायसवाल ने किया।
महिला सत्र में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार साझा किए गए:
-
नेतृत्व की मजबूत धुरी: महिलाएं केवल समाज की सहभागिता तक सीमित न रहें, बल्कि नेतृत्व की मुख्य धुरी बनें।
-
राजनीतिक भागीदारी: सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जाए।

-
संगठन में अवसर: बेटियों और महिलाओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देकर आगे बढ़ने का अवसर मिले।
-
सर्वव्यापी मंच: शिक्षा, समाज सेवा, संगठन और राजनीति जैसे हर क्षेत्र में महिलाओं की प्रतिभा को उचित मंच प्रदान किया जाए।
-
आत्मनिर्भरता और जागरूकता: आने वाली पीढ़ी की महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और नेतृत्वक्षम बनाने के प्रयास किए जाएं।


मुख्य अतिथि और मध्य प्रदेश शासन के मंत्री दिलीप जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि कलार समाज के विभिन्न घटकों के बीच संबंधों में आई सहजता से सामाजिक दूरियां कम हुई हैं। उन्होंने कहा कि अतीत में कुछ दृष्टिकोणों के कारण कई समाजों और महापुरुषों के योगदान को इतिहास में उचित स्थान नहीं मिल पाया, लेकिन वर्तमान में भारत के वास्तविक और गौरवशाली इतिहास को सामने लाने के प्रयास जारी हैं। भगवान सहस्त्रबाहु और समाज के अन्य महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है।










