छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर कोरबा में राज्योत्सव-2026 का भव्य आयोजन, दिग्गज जनप्रतिनिधि होंगे शामिल; जनता पूछेगी विकास और जवाबदेही का हिसाब!
मंच पर होंगे मंत्री, सांसद, विधायक और निगम के जनप्रतिनिधि; लेकिन जनता के सवालों का जवाब कौन देगा? भ्रष्टाचार मुक्त, अपराध मुक्त और विकसित कोरबा बनाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी,
कोरबा।—– छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन कोरबा द्वारा 1 नवंबर 2026 को राज्योत्सव-2026 का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर जिले के समस्त जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, पत्रकारों, सामाजिक संगठनों एवं जिलेवासियों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम का आयोजन शाम 7 बजे से घंटाघर चौक स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर ओपन थिएटर में होगा।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आमंत्रण पत्र के अनुसार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री श्री लखनलाल देवांगन होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरणदास महंत करेंगी।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में कटघोरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री फूलसिंह राठिया, पाली-तानाखार विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम, जिला पंचायत कोरबा के अध्यक्ष श्री पवन कुमार सिंह, नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत, नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर तथा जिला पंचायत कोरबा की उपाध्यक्ष श्रीमती निकिता जायसवाल की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों द्वारा शाम 4 बजे से सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। वहीं शाम 7 बजे छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध लोकगायक श्री सुनील सोनी की लोकगीत प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रहेगी। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ी व्यंजनों एवं विभागीय योजनाओं से संबंधित स्टॉल भी लगाए जाएंगे।
राज्योत्सव के मंच से विकास की घोषणाएं होंगी, लेकिन धरातल पर कितना उतरेगा विकास?
स्थापना दिवस का यह आयोजन केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह तक सीमित नहीं रहना चाहिए। यह अवसर कोरबा जिले के विकास की समीक्षा, भविष्य की योजनाओं और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय करने का भी होना चाहिए।
औद्योगिक नगरी कोरबा के पास संसाधनों की कमी नहीं है। यहां बड़े-बड़े उद्योग, बिजली संयंत्र और प्राकृतिक संपदा मौजूद हैं। इसके बावजूद जिले के अनेक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में जिले के शीर्ष जनप्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षा है कि वे मंच से केवल उपलब्धियां गिनाने के बजाय वास्तविक समस्याओं के समाधान का स्पष्ट रोडमैप भी प्रस्तुत करें।
जनप्रतिनिधियों को याद रखना होगा जनता का विश्वास और चुनावी वादे
जनता ने जनप्रतिनिधियों को अपना प्रतिनिधि बनाकर विधानसभा, लोकसभा, नगर निगम और जिला पंचायत तक पहुंचाया है। इसके पीछे जनता की अपेक्षा थी कि उनके सुख-दुख में सहभागी बनकर क्षेत्र का विकास करेंगे और जरूरत पड़ने पर शासन-प्रशासन के सामने उनकी आवाज बुलंद करेंगे।
लेकिन सवाल यह है कि क्या जनता के बीच किए गए वादे पूरी गंभीरता से निभाए जा रहे हैं?
क्या जनप्रतिनिधि नियमित रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर जनता की समस्याएं सुन रहे हैं? क्या किसानों, मजदूरों, गरीब परिवारों, बेरोजगार युवाओं और महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता मिल रही है?
जनता का प्रतिनिधित्व करना केवल पद और प्रतिष्ठा प्राप्त करना नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेह होना है।
पद का प्रभाव व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं, जनहित में दिखाई देना चाहिए
लोकतांत्रिक व्यवस्था में कोई भी पद स्थायी नहीं होता, लेकिन जनता के प्रति किए गए वादों और जिम्मेदारियों का मूल्यांकन हमेशा होता है। जनप्रतिनिधियों को आत्ममंथन करना होगा कि कहीं राजनीतिक प्रतिष्ठा, व्यक्तिगत स्वार्थ और पद का प्रभाव जनता के मूलभूत मुद्दों से ऊपर तो नहीं हो रहा है।
जनता को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है जो बिना भेदभाव के हर वर्ग की समस्याओं को सुने और उनके निराकरण के लिए ठोस पहल करे।
भ्रष्टाचार, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और अधिकारियों की जवाबदेही पर हो सीधी कार्रवाई
कोरबा जिले में शासकीय निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, सरकारी धन के उपयोग, योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक पारदर्शिता पर विशेष निगरानी आवश्यक है।
सड़क निर्माण, नाली निर्माण, पेयजल व्यवस्था, सरकारी भवनों और अन्य विकास कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। यदि कहीं अनियमितता या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करें और जनता की शिकायतों को दबाने के बजाय उनके समाधान के लिए पहल करें।
किसानों, युवाओं और आम नागरिकों की समस्याओं पर भी हो चर्चा
कोरबा जिले के किसानों को फार्मर आईडी, एग्रीस्टेक, धान पंजीयन और राजस्व अभिलेखों से जुड़ी परेशानियों से राहत मिलनी चाहिए। युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। महिलाओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही हाथी प्रभावित क्षेत्रों में किसानों की फसल और ग्रामीणों की सुरक्षा, औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण, नशामुक्ति, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
स्वच्छ कोरबा, निरोग कोरबा और अपराध मुक्त कोरबा का संकल्प कब होगा साकार?
कोरबा की जनता ऐसा जिला चाहती है जहां सरकारी कार्यालयों में आम नागरिकों को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता हो, भ्रष्टाचार पर लगाम लगे, अपराध पर नियंत्रण हो और हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को मिलकर ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी जिसमें जवाबदेही सुनिश्चित हो और जनता की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण हो।
राज्योत्सव-2026: जश्न के साथ आत्ममंथन और जवाबदेही का भी अवसर
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस प्रदेश के गौरव, संघर्ष और विकास यात्रा का प्रतीक है। कोरबा के लिए यह अवसर और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि जिले की औद्योगिक पहचान के साथ-साथ ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण और आम नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है।
2 नवंबर को आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में जिले के मंत्री, सांसद, विधायक, महापौर, सभापति और जिला पंचायत के पदाधिकारी एक ही मंच पर उपस्थित रहेंगे। ऐसे में जनता की अपेक्षा है कि जिले के भविष्य को लेकर ठोस घोषणाएं हों और उनके क्रियान्वयन की समय-सीमा भी निर्धारित की जाए।
आखिर जनता कब तक केवल वादे सुनेगी? अब समय है कि जनप्रतिनिधि अपने कार्यों का हिसाब भी जनता के सामने रखें।
कोरबा की जनता को केवल बड़े-बड़े मंच, भाषण, सम्मान और घोषणाएं नहीं चाहिए। उसे चाहिए ईमानदार नेतृत्व, पारदर्शी प्रशासन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य, भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और ऐसा विकास जिसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
यही होगा छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस का वास्तविक सम्मान और विकसित, स्वच्छ, स्वस्थ, सुरक्षित एवं खुशहाल कोरबा के निर्माण का सच्चा संकल्प।