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मीडिया सम्मान परिवार: डिजिटल पत्रकारों की एकता का प्रतीक परिचय

मीडिया सम्मान परिवार: डिजिटल पत्रकारों की एकता का प्रतीक परिचय,,

 रायपुर —- मीडिया सम्मान परिवार” एक स्वतंत्र और निष्पक्ष संगठन है, जिसकी नींव 05 दिसंबर 2024 को रखी गई थी। इस संगठन की शुरुआत डिजिटल मीडिया और न्यूज पोर्टल्स को उनके अधिकार दिलाने और सरकारी विज्ञापनों के वितरण में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से की गई। पहले इसे “डिजिटल परिवार” के नाम से जाना जाता था, लेकिन बाद में इसे “मीडिया सम्मान परिवार” नाम दिया गया। यह संगठन मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ में सक्रिय है और वहां के छोटे व मध्यम स्तर के न्यूज पोर्टल्स, सोशल मीडिया न्यूज चैनलों और डिजिटल पत्रकारों के हितों की रक्षा करता है।

शुरुआत और उद्देश्य…

इसकी शुरुआत 12 दिसंबर 2024 को एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से हुई, जिसका पहला मुद्दा था:

“छत्तीसगढ़ में न्यूज पोर्टल्स के लिए खुशखबरी: अब 40-50 हज़ार रुपये महीने का विज्ञापन मिलेगा! राज्य सरकार ने खोली तिजोरी।”

यह जानकारी सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त हुई थी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जारी विज्ञापन नियमावली 2019 के किसी भी मापदंड को पूरा न करने के बावजूद कुछ नए न्यूज पोर्टलों को हर महीने ₹40,000 से ₹50,000 तक का भुगतान किया जा रहा था।

इस स्थिति को देखते हुए, 05 दिसंबर 2024 को “मीडिया सम्मान परिवार” ने छत्तीसगढ़ संवाद के मुखिया, IAS रवि मित्तल को एक लिखित पत्र भेजा। इस पत्र में मांग की गई कि यदि कुछ नए पोर्टलों को बिना किसी मानक के विज्ञापन दिया जा सकता है, तो उसी नियमावली के तहत छत्तीसगढ़ के सभी डिजिटल न्यूज पोर्टल्स और सोशल मीडिया न्यूज चैनलों को भी विज्ञापन जारी किए जाएं।

जीरो विरोध अभियान: पारदर्शिता की ओर कदम…

“मीडिया सम्मान परिवार” ने “जीरो विरोध अभियान” की शुरुआत की, जिसके तहत छत्तीसगढ़ संवाद में हो रही गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार को उजागर किया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य था कि छत्तीसगढ़ सरकार के जनसंपर्क विभाग की निष्पक्षता बनी रहे और सभी डिजिटल पत्रकारों को उनके अधिकार मिलें। इस आंदोलन में जबरदस्त एकता देखने को मिली और केवल पाँच दिनों में ही 100 से अधिक डिजिटल पत्रकारों ने रजिस्ट्रेशन कर लिया। तीन महीनों के भीतर ही “मीडिया सम्मान परिवार” में 200 से अधिक न्यूज पोर्टल संचालक और संपादक जुड़ चुके हैं।

संगठन की विशेषताएँ और कार्यप्रणाली…

“मीडिया सम्मान परिवार” की सबसे अनोखी बात यह है कि इसमें कोई एकल नेतृत्व नहीं है। यहाँ अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव जैसे पद नहीं हैं। इसके बजाय, सभी सदस्य समान अधिकार रखते हैं और मिलकर संगठन का संचालन करते हैं।

संरचना और कार्य प्रणाली…

संगठन की अखंडता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए विभिन्न समितियाँ गठित की गई हैं:
1. निर्णायक समिति (21 सदस्य) – यह समिति संगठन के महत्वपूर्ण निर्णय लेने का कार्य करती है।
2. जाँच समिति (11 सदस्य) – किसी भी समस्या या विवाद की जांच कर निष्पक्ष समाधान निकालती है।
3. कार्यालय प्रभारी (1 सदस्य) – संगठन के प्रशासनिक कार्यों का प्रबंधन करता है।
4. सह कार्यालय प्रभारी (2 सदस्य) – कार्यालय प्रभारी की सहायता करते हैं और संगठन के समन्वय में सहयोग करते हैं।

सभी सदस्यों की नियुक्ति बहुमत के आधार पर की जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसी एक व्यक्ति का वर्चस्व नहीं रहता।

संगठन की उपलब्धियाँ और भविष्य की योजनाएँ…

• सरकारी विज्ञापन नीति में सुधार की दिशा में कदम – यह संगठन छत्तीसगढ़ सरकार से मांग कर रहा है कि सभी डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को विज्ञापन देने के लिए स्पष्ट और निष्पक्ष नियम बनाए जाएँ।
• छत्तीसगढ़ संवाद में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर किया – जीरो विरोध अभियान के तहत गलत तरीके से विज्ञापन पाने वाले पोर्टलों की सूची सार्वजनिक की गई।
• डिजिटल पत्रकारों की एकता को मजबूत किया – छोटे और मध्यम स्तर के न्यूज पोर्टल्स को एक मंच पर लाकर उन्हें सामूहिक ताकत दी।
• भविष्य में पत्रकारों के लिए आर्थिक सहायता योजना – संगठन की योजना है कि आने वाले समय में पत्रकारों को आर्थिक सहायता देने के लिए एक कोष बनाया जाए।

निष्कर्ष…

“मीडिया सम्मान परिवार” डिजिटल पत्रकारों के अधिकारों के लिए लड़ने वाला एक अनूठा संगठन है। यह पारदर्शिता, निष्पक्षता और एकता की भावना को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहा है। बिना किसी पद-व्यवस्था के, इस संगठन ने केवल तीन महीनों में ही 200 से अधिक पत्रकारों को एक मंच पर लाकर यह साबित कर दिया कि यदि उद्देश्य स्पष्ट हो और एकता बनी रहे, तो बदलाव संभव है।

मीडिया सम्मान परिवार: पत्रकारों की एकता की ऐतिहासिक गूँज…

मीडिया सम्मान परिवार ने अपनी ताकत और प्रभाव को साबित करते हुए केवल तीन महीनों के भीतर पत्रकारों की एकता का ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। इसका सबसे बड़ा उदाहरण 25 फरवरी 2025 को देखने को मिला, जब संगठन ने अपना पहला परिचय सम्मेलन आयोजित किया।

पहला परिचय सम्मेलन: न्यायधानी में ऐतिहासिक एकता…

स्थान: भरनी-परसदा, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
तारीख: 25 फरवरी 2025

यह आयोजन छत्तीसगढ़ के डिजिटल मीडिया इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ, जिसमें 100 से अधिक सोशल मीडिया संचालकों और संपादकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस सम्मेलन ने राज्य में डिजिटल पत्रकारों की एकता को मजबूती से दर्ज किया और सरकार को यह संदेश दिया कि अब डिजिटल मीडिया की उपेक्षा नहीं की जा सकती।

विधानसभा में गूँजी डिजिटल मीडिया की आवाज…

परिचय सम्मेलन के प्रभाव और “मीडिया सम्मान परिवार” की बढ़ती ताकत का असर छत्तीसगढ़ की विधानसभा में भी देखने को मिला।

पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की विधायक भावना बोहरा ने सत्ता पक्ष की ओर से छत्तीसगढ़ संवाद में हो रहे भ्रष्टाचार और डिजिटल मीडिया के हक को लेकर आवाज़ उठाई। उन्होंने सरकार से इस पूरे मामले की जांच की मांग की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि डिजिटल मीडिया अब सिर्फ एक मंच नहीं बल्कि एक प्रभावशाली शक्ति बन चुका है।

विधायक भावना बोहरा को धन्यवाद पत्र…

“मीडिया सम्मान परिवार” के सभी सदस्यों ने विधायक भावना बोहरा के इस साहसिक कदम का स्वागत किया और उनका आभार व्यक्त करने के लिए 22 मार्च 2025 को पत्र क्रमांक MSP/017 के माध्यम से आधिकारिक धन्यवाद पत्र भेजा।

इस कदम से यह साफ हो गया कि डिजिटल पत्रकारिता को अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और पत्रकारों की एकता सरकारी तंत्र में बदलाव लाने की ताकत रखती है।

आगे की राह…

• सरकारी विज्ञापन नीति में सुधार की मांग
• छत्तीसगढ़ संवाद में चल रही अनियमितताओं की जांच
• डिजिटल पत्रकारों के लिए वित्तीय सहायता योजना की पहल
• छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में मीडिया सम्मान परिवार का विस्तार

“मीडिया सम्मान परिवार” अब सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि न्याय और पारदर्शिता के लिए संघर्ष का प्रतीक बन चुका है।

विनोद जायसवाल
विनोद जायसवाल
जन जन की आवाज़

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